Bewafa Shayari || बेवफा शायरी || 280+ Updated Best Collection

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Bewafa Shayari

Bewafa Shayari || बेवफा शायरी Updated
वो निकल गए मेरे रास्ते से इस कदर कि,
जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं!!
कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने,
फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं!!

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आकर उनकी जुदाई मार गयी!!
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उसकी बेवफाई मार गयी!!
वफा के बदले बेवफाई ना दिया कर,
मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया कर!!
तेरी मौहब्बत में हम सब कुछ गवां बैठे,
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया कर!!
चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है!!
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है!!
बेवफाई उसकी मिटा के आया हूँ,
ख़त उसके पानी में बहा के आया हूँ!!
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ!!
तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना,
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे!!
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर,
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे!!

Bewafa Shayari 

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी,
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी!!
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना,
वो नादान है यारो अपना हाथ जला लेगी!!
जाम पे जाम पीने से क्या फायदा दोस्तों,
रात को पी हुयी शराब सुबह उतर जाएगी!!
अरे पीना है तो दो बूंद बेवफा के पी के देख,
सारी उमर नशे में गुज़र जाएगी!!
मोहब्बत न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है!!
कौन कहता हे मोहब्बत में कुछ नहीं मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है!!
आप बेवफा होंगे कभी सोचा ही नहीं था,
आप कभी खफा होंगे सोचा ही नहीं था!!
जो गीत लिखे हमने कभी तेरे प्यार पर,
वही गीत रुशवा होंगे सोचा ही नहीं था!!
रुसवाईयों की बात क्यों करते हो तन्हाईयों में याद क्यों करते हो!!
वफा नहीं करना तो कोई बात नहीं, बेवफाई की बात क्यों करते हो!!
मेरे कलम से लफ्ज खो गए शायद,
आज वो भी बेवफा हो गए शायद!!
जब नींद खुली तो पलको में पानी था,
मेरे ही ख्वाब मुझ पर रो गए शायद!!
इंसान के कंधो पर इंसान जा रहा था,
कफ़न में लिपटा हुआ अरमान जा रहा था!!
जिसे भी मिली बेवफाई मोहब्बत में,
वफ़ा कि तलास में शमसान जा रहा था!!

जनाजा मेरा उठ रहा था,
फिर भी तकलीफ थी उसे आने में!!
बेवफा घर में बैठी पूछ रही थी,
और कितनी देर है दफनाने में!!
मत रख हमसे वफा की उम्मीद,
हमने हर दम बेवफाई पायी है!!
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है!!

Bewafa Shayari 

उल्फत का यह दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही हमसे दूर होता है!!
दिल टूट कर बिखरता है इस क़द्र जैसे,
कांच का खिलौना गिरके चूर-चूर होता है!!
मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है!!
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है!!
कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी!!
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी!!
जाने मेरी आँखों से कितने आँसू बह गए,
इंसानो की इस भीड़ में देखो हम तनहा रह गए!!
करते थे जो कभी अपनी वफ़ा की बातें,
आज वही सनम हमें बेवफ़ा कह गए!!
मेरे दिल को अब किसी से गिला नहीं,
मन से जिसे चाहा वो मुझे मिला नहीं!!
बद नसीबी  कहूँ या वक्त की बेवफाई,
अँधेरे में एक दीपक मिला पर वो जला नही!!
बहारों के फूल एक दिन मुरझा जायेंगे,
भूले से कहीं याद तुम्हें हम आ जायेंगे!!
अहसास होगा तुमको हमारी मोहब्बत का,
जब कहीं हम तुमसे बहुत दूर चले जायेंगे!!
न करना प्यार कभी किसी मुसाफिर से,
उनका ठिकाना बहुत दूर होता है!!
वो कभी बेवफा तो नहीं होते,
मगर उनका जाना ज़रूर होता हैं!!
जाने क्या सोच के लहरे साहिल से टकराती हैं,
और फिर समंदर में लौट जाती हैं!!
समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं,
या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं!!

Bewafa Shayari 

जो नजर से गुजर जाया करते हैं,
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं!!
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,
बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं!!
आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए!!
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!!
किसी और की बाहों में रहकर,
वो हमसे वफा की बातें करते हैं!!
ये कैसी चाहत है यारों,
वो बेवफ़ा है ये जानकर भी हम उन्ही से मुहब्बत करते हैं!!
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मेरी वफा के क़ाबिल नही हो तुम,
प्यार मिले ऐसे इन्सान नही हो तुम!!
दिल क्या तुम पर ऐतबार करेगा,
प्यार मे धोखा दिया ऐसे बेवफा हो तुम!!
किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तहा कर दो,
लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो!!
मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर,
कि अपनी ही वफाओं से उसको बेवफा कर दो!!
वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे!!
हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे!!
वफा के बदले बेवफाई ना दिया करो,
मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया करो!!
तेरी महोब्त में हम सब कुछ खो बैठे,
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया करो!!
अगर दुनिया में जीने की चाहत न होती,
तो खुदा ने मोहब्बत बनायी न होती!!
इस तरह लोग मरने की आरजू न करते,
अगर मोहब्बत में किसी की बेवफाई न होती!!
Bewafa Shayari 
तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी!!
ये तो वही बेवफ़ा लोगों की दुनिया है,
तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी!!
नज़र नज़र से मिलेगी तो सर झुका लेंगे,
वो बेवफा है मेरा इम्तहान क्या लेगा!!
उसे चिराग जलाने को मत कह देना,
वो ना समझ है कहीं उँगलियाँ जला लेगा!!
कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको!!
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको!!
दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है,
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है!!
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता,
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!!
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रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई!!
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई!!
नजर नजर से मिलेगी तो सर झुका लेगा,
वह बेवफा है मेरा इम्तिहान क्या लेगा!!
उसे चिराग जलाने को मत कह देना,
वह नासमझ है कहीं उंगलियां जला लेगा!!
कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,
कि तुझे अलविदा भी ना कह सका!!
तेरी सादगी में इतना फरेब था,
कि तुझे बेवफा भी ना कह सका!!
Bewafa Shayari 
नसीब बन कर कोई ज़िन्दगी में आता है,
फिर ख्वाब बन कर आँखों में समा जाता है!!
यकीन दिलाता है कि वो हमारा ही है,
फिर ना जाने क्यों वक़्त के साथ बदल जाता है!!
दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी!!
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी!!
हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,
तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने!!
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने!!
हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला!!
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला!!
मोहबत खो गयी मेरी,
बेवफ़ाई के दलदल में!!
मगर इन पागल आँखो को,
आज भी तेरी तलाश रहती है!!
न पूछ मेरे सब्र की इन्तहां कहाँ तक है,
तू सितम कर ले तेरी हसरत जहाँ तक है!!
वफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमे तो देखना है तू बेवफा कहाँ तक है!!
तेरी चौखट से सर उठाऊँ तो बेवफा कहना,
तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना!!
मेरी बफओं पे सक है तो खंजर उठा लेना,
मै शौक से ना मर जाऊं तो बेवफा कहना!!
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई!!
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई!!
लूट लेते हैं अपने ही,
वरना गैरों को क्या पता,
स दिल की दीवार कमजोर कहाँ से है!!
Bewafa Shayari 
तुझे है मशक़-ए-सितम का मलाल वैसे ही,
हमारी जान है जान पर बबाल वैसे ही!!
चला था जिक्र जमाने की बेवफ़ाई का,
ो आ गया है तुम्हारा ख्याल वैसे ही!!
उसके चेहरे पर इस कदर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था!!
बेवफ़ा भी नहीं कह सकते उसको,
यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था!!
वफ़ा पर हमने घर लुटाना था लेकिन,
वफ़ा लौट गयी लुटाने से पहले!!
चिराग तमन्ना का जला तो दिया था,
मगर बुझ गया जगमगाने से पहले!!