Dard Bhari Shayari || दर्द भरी शायरी हिंदी में || 560+ Updated

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Dard Bhari Shayari

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Dard Bhari Shayari

दिल को ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,
फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई शिकवा नहीं,
और कितने अश्क बहाऊँ अब उस के लिए,
जिसको खुदा ने मेरी किस्मत में लिखा ही नहीं!!

हर वक़्त तेरे आने की आस रहती है,
हर पल तुझसे मिलने की प्यास रहती है,
सब कुछ है यहाँ बस तू नही,
इसलिए शायद ये जिंदगी उदास रहती है!!
वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं,
कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं,
दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद,
वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं!!
जिंदगी भर दर्द से जीते रहे,
दरिया पास था आंसुओं को पीते रहे,
कई बार सोचा कह दू हाल-ए-दिल उससे,
पर न जाने क्यूँ हम होंठो को सीते रहे!!
वक्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है!!
कौन चाहता है अपनों से दूर होना,
लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है!!
वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते!!
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते!!

Dard Bhari Shayari 
हम जले तो सब चिराग समझ बैठे,
जब महके तो सब गुलाव समझ बैठे!!
मेरे लफ्जों का दर्द किसी ने नहीं देखा,
शायरी पड़ी तो शायर समझ बैठे!!
आज फिर तेरी याद आयी बारिश को देख कर,
दिल पे ज़ोर न रहा अपनी बेबसी को देख कर!!
रोये इस कदर तेरी याद में,
कि बारिश भी थम गयी मेरी बारिश को देख कर!!
अपनी आँखों के समंदर में उत्तर जाने दे,
तेरा मुज़रिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे!!
ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,
सोचता हूँ कहुँ तुझसे, मगर जाने दे!!
दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना,
अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना!!
कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं,
फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना!!
खून बन कर मुनासिब नहीं दिल बहे,
दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे!!
तेरी दुनिया में आये बहुत दिन रहे,
सुःख ये पाया कि हमने बहुत दुःख सहे!!
ज़ख्म जब मेरे सीने के भर जाएंगे,
आंसू भी मोती बन के बिखर जाएंगे!!
ये मत पूछना किसने दर्द दिया,
वरना कुछ अपनों के सर झुक जाएंगे!!
जो नजर से गुजर जाया करते हैं,
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं!!
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,
बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं!!
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Dard Bhari Shayari 
हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,
हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम!!
अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,
ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम!!
इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,
बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है!!
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है!!
एक अजीब सा मंजर नज़र आता है,
हर एक आँसूं समंदर नज़र आता है!!
कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना,
हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है!!
 कैसे बयान करें आलम दिल की बेबसी का,
 वो क्या समझे दर्द आंखों की इस नमी का!!
 उनके चाहने वाले इतने हो गए हैं अब कि,
 उन्हे अब एहसास ही नहीं हमारी कमी का!!
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इस बहते दर्द को मत रोको,
यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की!!
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी,
पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की!!
न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता,
न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!!
क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे,
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता!!
Dard Bhari Shayari 
कांटो सी चुभती है तन्हाई,
अंगारों सी सुलगती है तन्हाई!!
कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे,
मैं रोता हूँ तो रोने लगती है तन्हाई!!
बहुत अजीब हैं ये बंदिशें मोहब्बत की!!
कोई किसी को टूट कर चाहता है!!
और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है!!
एक नया दर्द मेरे दिल में जगा कर चला गया,
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया!!
जिसे ढूढ़ते रहे हम लोगो की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया!!
आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये,
तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये!!
कई बार पुकारा इस दिल ने तुम्हें,
और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये!!
हर ख़ुशी के पहलू हाथों से छूट गए,
अब तो खुद के साये भी हमसे रूठ गए!!
हालात हैं अब ऐसे ज़िंदगी में हमारी,
प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए!!
हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे,
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे!!
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया,
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे!!
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है,
मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है!!
हम तन्हाई में बैठे रोते हैं,
लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है!!
मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे!!
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे,
तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे!!
न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये!!
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये!!
बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नहीं जाता,
जो बीत गया है वो गुजर क्यों नहीं जाता!!
वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में,
जो दूर है मुझसे वो दिल से उतर क्यों नहीं!!
Dard Bhari Shayari 
दिल के टूटने से नही होती है आवाज़,
आंसू के बहने का नही होता है अंदाज़!!
गम का कभी भी हो सकता है आगाज़,
और दर्द के होने का तो बस होता है एहसास!!
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,
दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते!!
लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है,
दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते!!
एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए,
कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए!!
उनका मिलना ही मुक़द्दर में न था,
वर्ना क्या कुछ नहीं किया उनको पाने के लिए!!
गुजरता वक़्त हमें एहसास दिला देता है,
जिसे चाहते हैं हम वो ही दिल दुखा देता है!!
वक़्त मरहम लगा देता है जिन जख्मो पर,
कोई अपना उस दर्द को फिर से जागा देता है!!
ज़रा सी ज़िंदगी है, अरमान बहुत हैं,
हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं!!
दिल के दर्द सुनाएं तो किसको,
जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है!!
जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था,
हमसा कोई किसी जुर्म में आया भी न था!!
न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी,
हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था!!
रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है,
ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है!!
हँसते हैं तो आँखों से निकल आते हैं आँसू,
ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है!!
अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे,
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे!!
उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी,
जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे!!
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता!!
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता!!
तेरे दिल के करीब आना चाहता हूँ मैं,
तुझको नहीं और अब खोना चाहता हूँ मैं!!
अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,
तू एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहता हूँ मैं!!
Dard Bhari Shayari 
दिल के दर्द छुपाना बड़ा मुश्किल है,
टूट कर फिर मुस्कुराना बड़ा मुश्किल है!!
किसी अपने के साथ दूर तक जाओ फिर देखो,
अकेले लौट कर आना कितना मुश्किल है!!
कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते, हर एक ने धोखा दिया!!
किस-किस को भुला देते, अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा, बयां करते तो महफ़िल को रुला देते!!
कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं,
इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं!!
झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी,
इसलिए तो रुठ कर तारे टूट जाते हैं!!
हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे,
लफ्ज कागज पर उतर जादूगरी करने लगे!!
कामयाबी जिसने पाई उनके घर बस गए,
जिनके दिल टूटे वो आशिक शायरी करने लगे!!
वो तो अपने दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाईयों से आँखें चुराते रहे!!
और हमें बेवफ़ा का नाम मिला,
क्योंकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे!!
न तस्वीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाये,
न तुम हो मेरे पास जो प्यार किया जाये!!
ये कौन सा दर्द दिया है तुमने ऐ सनम,
न कुछ कहा जाये न तुम बिन रहा जाये!!
ऑंखें तो प्यार में दिल की जुबान होती हैं,
सच्ची चाहत तो सदा बे जुबान होती है!!
प्यार में दर्द भी मिले तो मत घबराना,
सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है!!
जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया,
आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया!!
एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि,
हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये!!
उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया!!
दिल मेरा जो अगर रोया न होता,
हमने भी आँखों को भिगोया न होता!!
दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को,
ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता!!
Dard Bhari Shayari 
वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी!!
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी!!
बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी!!
मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी!!
ठोकर खाते हैं और मुस्कराते हैं,
इस दिल को सब्र करना सिखाते हैं!!
हम दर्द लेकर भी लोगों को याद करते हैं,
और लोग दर्द देकर भी लोगों को भूल जाते हैं!!
लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तकाजा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताजा-ताजा है!!
गिर पड़ते हैं मेरे आंसू मेरे ही कागज पर,
लगता है कि कलम में स्याही का दर्द ज्यादा है!!
दर्द काफी है बेखुदी के लिए, मौत काफी है ज़िन्दगी के लिए!!
कौन मरता है किसी के लिए, हम तो ज़िंदा है आपके लिए!!
न कर तू इतनी कोशिसे,
मेरे दर्द को समझाने की!!
पहले इश्क कर फिर जख्म खा,
फिर लिख दावा मेरे दर्द की!!
बरसो गुजर गए रोकर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी सोकर नहीं देखा!!
आखिर वो क्या जाने दर्द मोहब्बत का,
जिसने किसी को कभी खोकर नहीं देखा!!
दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया,
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया!!
दिल के सौदागरों से दिल्लगी कर बैठे,
शायद इसलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया!!
दिल में जो दर्द है वो दर्द किसे बताएं,
हँसते हुए ये जख्म किसे दिखायें!!
कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब,
मगर इस नसीब की दास्तान किसे सुनाएँ!!
दर्द बहुत हुआ दिल के टूट जाने से,
कुछ न मिला उनके लिए आँसू बहाने से!!
वो जानते थे वजह मेरे दर्द की,
फिर भी बाज़ न आये मुझे आजमाने से!!
मुझको ढूढ़ लेता है हर रोज नए बहाने से,
दर्द हो गया है वाकिफ मेरे हर ठिकाने से!!
दिल का दर्द हमारा भी अब,
सारी हदें आर पार कर रहा है!!
दिलबर भी कितना संगदिल है,
एक जुर्म को बार बार कर रहा है!!
वो दर्द दे गए सितम भी दे गए,
ज़ख्म के साथ वो मरहम भी दे गए!!
ओ लफ्जो से कर गए अपना मन हल्का,
हमे कभी न रोने की कसम दे गए!!
Dard Bhari Shayari 
मोहब्बत का मेरे सफ़र आखिरी है,
ये कागज़ कलम ये गज़लआखिरी है!!
मैं फिर न मिलूँगा कहीं ढूढ लेना,
तेरे दर्द का अब ये असर आखिरी है!!
फिरते हुए किसी की नज़र देखते रहे हम,
खून ए दिल होता रहा मगर देखते रहे हम!!
तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है ऐ सनम,
जिसका रास्ता बहुत खराब है!!
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा तू न लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है!!
जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द सँभालने होंगे,
मुस्कराए तो मुस्कराने के क़र्ज़ उठाने होंगे!!
दर्द से हमारी अगर दोस्ती न होती,
शब्द होते मगर उनमें शायरी न होती!!
मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाये हमने,
अफसोश उन्हें हम पर ऐतबार नहीं!!
मत पूछों क्या गुजरती है दिल पर,
जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नहीं है!!
मेरी फितरत में नहीं, अपना दर्द बयां करना,
अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर मुझे!!
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तेरे वादों ने हमें घर से निकलने न दिया,
लोग मौसम का मजा ले गए बरसातों में!!
अब न सूरज न सितारे न शम्मा ना चाँद,
अपने जख्मो का उजाला है घनी रातों में!!
आरज़ू नहीं के गम का तूफान टल जाये,
फ़िक्र तो ये है तेरा दिल न बदल जाये!!
भुलाना हो अगर मुझको तो एक अहसान करना,
दर्द इतना देना के मेरी जान निकल जाये!!
अब ये भी नहीं ठीक के हर दर्द मिटा दें,
कुछ दर्द तो कलेजे से लगाने के लिए हैं!!
ये इल्म का सौदा, ये रिसाले, ये किताबें,
एक शख्स की यादों को भुलाने के लिए हैं!!
कितना दर्द भरा था उनका मुझे छोड़ के जाना,
सुना भी कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहीं!!
कुछ इस तरह बरबाद हुए उनकी मोहब्बत में,
लौटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं!!
मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है,
दर्द-ए-दिल की इन्तहा मालूम है!!
ज़िंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत देना,
मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है!!
महफ़िल में हँसना मेरा मिज़ाज़ बन गया,
तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया!!
दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर न होने दिया,
यही मेरे जीने का अंदाज़ बन गया!!
Dard Bhari Shayari 
कहाँ कोई मिला ऐसा जिसपे दिल लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया किस किसको भुला देते!!
अपने दर्द को दिल ही में दवाये रखा,
करते बयां तो महफ़िलों को रुला देते!!
बड़ रहा है दर्द-ओ-गम उसको भूला देने के बाद,
याद उसकी और आयी खत जला देने के बाद!!
इन ग़म की गलियों में, कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा!!
इन रस्तों पे चलते-चलते, हमदर्द कोई मिल जाएगा!!
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ!!
समझ में कुछ नहीं आता, मोहब्बत किसको कहते हैं!!
मगर इतना समझता हूँ, के कहीं पर दर्द उठता है!!
शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता है,
दर्द तो उस पत्थर का हैं, जो टुटने के काबिल भी नही!!